शरद ऋतु में दुर्गा पूजा कल से आरंभ, प्रमुख मंदिरों की सुरक्षा में 24 धंटे निगरानी
(ब्यूरो कार्यालय)
वाराणसी (उ०प्र०)। मां दुर्गा की आराधना का पर्व शारदीय नवरात्र इस वर्ष विशेष धार्मिक संयोग के साथ मनाया जाएगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, नवरात्र के दौरान मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के लिए कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। 19 अक्टूबर को महनवमी प्रातः 7:370 बजे से 20अक्टूबर को प्रातः 9:20 बजे तक रहेगी। और इसके बाद अपराह्न विजय दशमी मनाया जायेगा। और इसका शुभ मुहूर्त 21 अक्टूबर प्रातः 10:50 बजे तक है। और संपूर्ण नवरात्र करने वाले साधकों के व्रत अनुष्ठान 20 अक्टूबर को पूर्ण हो जायेगा। इसलिए पारण उदयकाल व्यापिनी दशमी में 21 अक्टूबर को करना ही उचित होगा।
ज्योतिषाचार्य पं० विनय कुमार पांडेय के अनुसार 20 अक्टूबर को मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना की जाएगी। नवरात्र में प्रतिदिन पूजा-पाठ, व्रत और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व रहेगा। इस अवधि में श्रद्धालु शुभ समय में पूजन कर मां भगवती का आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे। वहीं, 21 अक्टूबर को विशेष पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।

नवरात्र के दिनों में मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ने और घरों में पूजा-पाठ का माहौल रहने की संभावना है। श्रद्धालु मां दुर्गा की उपासना कर सुख-समृद्धि, शांति और मंगलकामना की प्रार्थना करेंगे। जिसके मद्देनजर उ०प्र०के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के सभी प्रमुख मंदिरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 24 धंटे सीसीटीवी के जरिये कड़ी सुरक्षा व निगरानी के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर विडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से नवरात्र के शुभ अवसर पर कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों व प्रशासनिक अफसरों को कहा कि अपने – अपने क्षेत्रों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान रखें और जनता से भी संवाद करते रहे। नवरात्र व दशहरा के अवसर पर शोभायात्रा मार्गों व पूजा स्थलों के निकट शराब व मांस की दुकानों बंद रखे।
