खन्ना/ लुधियाना, 24 सितंबर ( प्रोफेसर अवतार सिंह ):-खन्न्ना सिविल अस्पताल में प्रसव के बाद 24 वर्षीय महिला गार्गी साहनी की हालत बिगड़ने के मामले में अब स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता दिखाई है। मामले का मीडिया में खुलासा होने के बाद सिविल सर्जन लुधियाना डॉ. रमनदीप कौर ने कड़ा संज्ञान लेते हुए खन्ना सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. मनिंदर सिंह भसीन से पूरे मामले में जवाब मांगा है। सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से एसएमओ डा. मनिंदर भसीन को बाकायदा पत्र भेजकर मामले की रिपोर्ट और अस्पताल स्तर पर हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी गई है।एसएमओ डा. मनिंदर भसीन अब पूरे मामले की जांच और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर सिविल सर्जन कार्यालय को जवाब भेजेंगे। इसके बाद रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से अगला कदम उठाया जाएगा। सिविल सर्जन डॉ. रमनदीप कौर ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।एसएमओ से संतुष्ट नहीं, सिविल सर्जन से मुलाकात करने पहुंचे परिजनबुधवार को गार्गी साहनी के भाई मयंक साहनी समेत परिवार के अन्य सदस्य खन्ना सिविल अस्पताल पहुंचे। परिजनों के प्रतिनिधिमंडल ने एसएमओ डॉ. मनिंदर सिंह भसीन से मुलाकात कर अपनी शिकायत और मामले से जुड़े सवाल उनके सामने रखे। परिजनों का कहना था कि उन्हें अस्पताल स्तर पर हुई घटना को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद वे सीधे लुधियाना स्थित सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचे और डॉ. रमनदीप कौर से मुलाकात की। सिविल सर्जन ने परिजनों की पूरी बात गंभीरता से सुनी और उन्हें भरोसा दिया कि मामले में तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। सिविल सर्जन ने उनसे कहा कि इस समय सबसे पहली प्राथमिकता मरीज की जान और स्वास्थ्य को सुरक्षित करना है तथा स्वास्थ्य विभाग परिवार के साथ खड़ा है।उधर, सिविल सर्जन डॉ. रमनदीप कौर ने बताया कि परिजनों ने पहले खन्ना एसएमओ के पास शिकायत की थी। बुधवार को मीडिया के माध्यम से मामला उनके संज्ञान में आने के बाद उन्होंने स्वयं इसका संज्ञान लिया और एसएमओ खन्ना को पत्र भेजकर पूरे मामले में जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अस्पताल में इलाज के दौरान किन परिस्थितियों में महिला की हालत बिगड़ी और कहीं किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं।गौरतलब है कि 24 वर्षीय गार्गी साहनी को 17 सितंबर को प्रसव के लिए खन्ना सिविल अस्पताल लाया गया था। परिजनों के अनुसार प्रसव के बाद महिला की हालत अचानक बिगड़ गई। उसकी स्थिति गंभीर होने पर उसे आगे के इलाज के लिए लुधियाना के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। परिजनों का आरोप है कि खन्ना सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान अपेक्षित स्तर पर देखभाल नहीं की गई और महिला की बिगड़ती हालत को लेकर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए। अस्पताल प्रशासन, गायनी डाक्टर व स्टाफ की लापरवाही से महिला की जान खतरे में पड़ी है। परिजनों के मुताबिक महिला की हालत इतनी गंभीर हो गई कि उसके कई अंगों के प्रभावित होने की आशंका जताई गई और उसे बेहतर इलाज के लिए लुधियाना रेफर करना पड़ा। परिवार ने अस्पताल में इलाज के दौरान कथित लापरवाही और स्टाफ के व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
गार्गी साहनी केस में स्वास्थ्य विभाग का कड़ा एक्शन, सिविल सर्जन ने एसएमओ डा. मनिंदर सिंह भसीन से मांगा जवाबमीडिया में मामला सामने आने के बाद हरकत में आया विभाग, एसएमओ भसीन को पत्र भेजकर मांगी पूरे मामले की रिपोर्ट, लापरवाही मिली तो कार्रवाई का भरोसा
