एसटीएफ द्वारा गाजियाबाद में फर्जी दूतावास का भंडाफोड़

(जिला ब्यूरो कार्यालय)। गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश), नोएडा एसटीएफ ने मंगलवार रात विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर दलाली व अवैध दूतावास चलाने के कारोबार का भंडाफोड़ कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ की जानकारीनुसार गाजियाबाद के कविनगर क्षेत्र में रालोद नेता अनूप सिंह के बेटे सुशील सिंह की कोठी नंबर केबी 35 किराए पर लेकर आरोपी हर्षवर्धन जैन द्वारा फर्जी दूतावास चलाया जा रहा था। हर्षवर्धन जैन ने लंदन से एमबीए करने के बाद लंदन में मार्बल एक्सपोर्ट का काम शुरू किया था। सन् 2000मे चंद्रास्वामी से संपर्क हुआ और चंद्रास्वामी ने हर्षवर्धन की मुलाकात सऊदी अरब के आर्म्स डीलर अदनान खशोगी व एहसान अली से कराई। उन्हीं के साथ मिलकर एक दर्जन से अधिक कंपनी बना कर धोखाधड़ी के कारोबार के चलते वहीं पर रहने लगा। 2011 में भारत लौटने पर कई देशों में शेल कंपनियां बना कर ठगी का कारोबार करता रहा। एसटीएफ ने बताया कि हर्षवर्धन जैन अपने साथी एहसान के साथ मिलकर इंग्लैंड यूएई,मारीशस व कैमरून में शेल कंपनियां बनाई। और जानकारी मिली है कि दुबई में छः, मारीशस में एक, इंग्लैंड में तीन और भारत में एक बैंक खाता है। विदेशों में खोली गयी शेल कंपनियों में हवाला के माध्यम से कितना रुपया लगाया जा रहा था इसकी भी जांच की जा रही है। मास्टरमाइंड एहसान ने स्वीटजरलैंड व बहरीन की कई कंपनियों को 2008-11 के बीच 800 करोड़ का लोन दिलाने के नाम पर 300 करोड़ की रिश्वत ली । और वहां से फरार हो गया। 2022 में लंदन पुलिस ने एहसान को गिरफ्तार कर लिया। इसी प्रकार करीब 16 कंपनियों को लोन दिलाने के नाम पर ठगी के मामले में साढ़े छः वर्ष की सजा भी सुनाई गई। हर्षवर्धन की गिरफ्तारी के बाद 44.70 लाख रुपए, विदेशी मुद्रा 20 राजनयिक नंबर प्लेटें व राजनयिक नंबर प्लेट लगी चार महंगी गाड़ियां जिन पर अलग-अलग देशों के झंडे लगे हैं। दूतावास से संबंधित कागजात भी बरामद किए गए है। हर्षवर्धन ने लोगों को झांसे में लेने के लिए इंटरनेट मीडिया पर भारत प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, सहित अनेक बड़े नेताओं के साथ फोटो भी पोस्ट किए गए। 2016 में हर्षवर्धन ने यह दूतावास खोला और कई वर्षों से नौकरी आदि के नाम पर ठगी कर रहा था।
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