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देश की धड़कन

देश में केवल 6 हवाईअड्डों पर ही कैट II/III प्रणाली उपलब्ध; अरोड़ा ने नागरिक उड्डयन मंत्री को पत्र लिखकर चिंता जताई

ByPEHLIKHABAR

Jan 17, 2025

लुधियाना, 16 जनवरी, 2025(पहली ख़बर 24×7) पुष्पन्दर कुमार :-लुधियाना से सांसद (राज्यसभा) संजीव अरोड़ा ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू को पत्र लिखकर सभी हवाई अड्डों के लिए कैट II/III प्रमाणित रनवे अनिवार्य करने का अनुरोध किया है।

आज मंत्री को संबोधित एक पत्र में, अरोड़ा ने उल्लेख किया कि वह भारत भर के हवाई अड्डों की सुरक्षा और परिचालन दक्षता, विशेष रूप से इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) और  कैट II/III मानकों के तहत रनवे के प्रमाणन के संबंध में बड़ी चिंता के विषय की ओर उनका ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं।

अरोड़ा ने आगे उल्लेख किया कि संसद के पिछले सत्र में उनके प्रश्न के उत्तर में दी गई जानकारी के अनुसार, भारत में केवल 6 हवाई अड्डों- अर्थात् दिल्ली, लखनऊ, जयपुर, अमृतसर, कोलकाता और बेंगलुरु- के पास कैट II/III संचालन के लिए एक या अधिक रनवे प्रमाणित हैं। जबकि 60 से अधिक हवाई अड्डे  कैट I आईएलएस से सुसज्जित हैं, कई हवाई अड्डों पर  कैट II/III सिस्टम की अनुपस्थिति ने उन्हें कम दृश्यता और प्रतिकूल मौसम की स्थिति के दौरान परिचालन चुनौतियों के प्रति संवेदनशील बना दिया है।  कैट II/III उपकरणों की कमी ने कई लैंडिंग-संबंधी समस्याओं में सीधे योगदान दिया है।

उन्होंने आगे कहा कि प्रतिकूल मौसम की स्थिति-जैसे कोहरा, भारी बारिश और कम दृश्यता-से उत्पन्न होने वाली बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए यह जरूरी है कि हम यह सुनिश्चित करने के लिए पहल करें कि भारत के सभी कमर्शियल एयरपोर्ट्स कैट -II/III सिस्टम से सुसज्जित हों। ऐसी प्रणालियाँ सुरक्षित लैंडिंग और देरी को रोकने के लिए महत्वपूर्ण हैं, खासकर कम दृश्यता की स्थिति में। सभी हवाई अड्डों पर  कैट II/III सिस्टम लागू करके, हम विमानन सुरक्षा को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ा सकते हैं, परिचालन व्यवधानों को कम कर सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं के साथ समानता कर सकते हैं।

उन्होंने मंत्री से अनुरोध किया कि वे इंटरनेशनल सिविल एविएशन आर्गेनाईजेशन (आईसीएओ) के सुझावों के अनुरूप भारत के सभी कमर्शियल एयरपोर्ट्स के लिए कैट -II/III सिस्टम होना अनिवार्य बनाने पर विचार करें। यह उपाय न केवल भारत के विमानन बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा बल्कि सभी यात्रियों के लिए सुरक्षित और समय पर हवाई यात्रा भी सुनिश्चित करेगा, खासकर प्रतिकूल मौसम की स्थिति में।

यहाँ यह उल्लेख किया जा सकता है कि एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) कुल 137 हवाई अड्डों का प्रबंधन करता है, जिसमें 103 घरेलू हवाई अड्डे, 24 अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे और 10 कस्टम्स एयरपोर्ट्स शामिल हैं।

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