सांसद इकरा हसन पीड़ित मां के साथ सदर बाजार थाने में बैठी धरने पर

(जिला ब्यूरो कार्यालय)
सहारनपुर (उत्तर प्रदेश), जनपद शामली के जबाला गांव के मोनू कश्यप हत्याकांड विवाद इतना बढ़ गया कि डीआईजी कार्यालय पहुंची सांसद को पुलिस ने महिला थाने ले जाकर बैठा दिया।इस सूचना पर सपाईयों की भीड़ एकत्र हो जाने पर सांसद इकरा को छोड़ दिया।
मंगलवार को कैराना सांसद इकरा हसन बुजुर्ग पीड़ित महिला के साथ डीआईजी सहारनपुर रेंज अभिषेक सिंह के कार्यालय पहुंची। और मोनू कश्यप की हत्या में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि 21 अप्रैल को मोनू कश्यप रेलवे ट्रैक के पास घायल मिला था। और बाद में उसकी मौत हो गई थी। पुलिस जांच में जांच सामने आया था कि गर्लफ्रेंड से दो दोस्तों से बात करने को लेकर हुए विवाद में मोनू कश्यप को ट्रेन से धक्का दिया गया जिससे घायल होने के बाद उसकी मौत हो गई थी। और पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है।
इसी मामले में सांसद इकरा हसन अपने समर्थकों सहित डीआईजी रेंज सहारनपुर के कार्यालय पहुंची थी जहां डीआईजी द्वारा उनकी बात को बिना सुने ही मीटिंग का हवाला देते हुए डीआईजी वहां से उठ गए। जिससे नाराज हो कर सांसद अपने समर्थकों सहित महिला थाने में धरना शुरू कर दिया। सपाईयों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए थाने में अतिरिक्त फोर्स बुला ली गई। पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री मांगेराम कश्यप सहित छह: सपा नेताओं को हिरासत में लेकर जेल भेजे जाने के विरोध में प्रदर्शन सियासी अखाड़े में तब्दील हो गया। और सांसद सपा नेताओं को पुलिस से छुड़ाने के लिए दबाव बनाती रही। पुलिस व सपा नेताओं के बीच चार घंटे चली बात -चीत के बावजूद भी मामला शांत नही हुआ तो सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह थाने पहुंचे और आश्वासन दिया कि आरोपियों पर कार्रवाई की जायेगी और सपा नेताओं को बिना किसी कार्यवाही के छोड़े जाने की शर्त पर देर रात सपाईयों द्वारा धरना खत्म किया गया।
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