August 20, 2026

अपने ही बनाए झूठ के जाल में उलझते जा रहे भगवंत मान: शिरोमणी अकाली दल

अकाली दल की पांच मैंबरीय कमेटी ने कहा कि भगवंत मान द्वारा सिख ‘अरदास’ का मजाक बनाए जाने का एक और बेअदबी करने का नया आरोप सामने आ रहा

लुधियाना/जगराओ,26जून ( प्रोफेसर अवतार सिंह ):- शिरोमणी अकाली दल ने आज कहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान अपने ही झूठ के जाल में फंसते जा रहे हैं और उनके पुराने सहयोगी जगमन समरा ने मुख्यमंत्री के अतिरिक्त बेअदबी का विवरण देकर उनके आचरण का पर्दाफाश कर दिया है।

शिरोमणी अकाली दल की पांच सदस्यीय कमेटी ने गुरुद्वारा गोपालसर साहिब के अलावा गुरुद्वारा नानकर कलेरां का दौरा किया और पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि जगमन समरा के अलावा मुख्यमंत्री की पूर्व पत्नी ने भी खुलासा किया था कि भगवंत मान ने सिख अरदास का मजाक उड़ाकर बेअदबी की है। कमेटी के सदस्यों ने जोर देकर कहा,‘‘ यदि यह सच है तो यह सहन नही किया जाएगा।’’

इस बारे में अन्य जानकारी देते हुए अकाली दल के वरिष्ठ नेता स. बलविंदर सिंह भूंदड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री अब अपने पहले झूठ का बचाव करने के लिए एक के बाद झूठ बोल रहे हैं। उन्होने कहा,‘‘ पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु साहिबान के खिलाफ बेअदबी करने वाली उनकी वीडियो आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस का नतीजा है। जब यह बात गलत साबित हुई तो भगवंत मान ने कहा कि वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति मैं नही हूं। अब वे दावा कर रहे हैं कि वीडियो में उनकी शक्ल बनाने के लिए नकाब का इस्तेमाल किया गया है।’’ उन्होने कहा कि यह नई कहानी सिख संगत को गुमराह करने के लिए की गढ़ी जा रही है। उन्होने कहा,‘‘ यह काम नही करेगी, क्योंकि लोगों को एहसास हो गया है कि मुख्यमंत्री ने न केवल गंभीर पाप किए हैं, बल्कि श्री अकाल तख्त साहिब के साथ टकराव में पड़कर अपने पापों को और बढ़ा रहे हैं।’’

सरदार भूंदड़ ने बताया कि पांच मैंबरीय कमेटी राज्य भर में ‘‘महापुरख’ का दौरा कर रही है ताकि उन्हें पंथ दोषी और पंथ दोखी भगवंत मान द्वारा की गई घोर बेअदबी के बारे में अवगत कराया जा सके और उनसे भगवंत मान के खिलाफ आंदोलन करने के लिए एक मंच पर आने की अपील की जा सके। उन्होने बताया कि सिख संगत से जबरदस्त समर्थन मिल रहा है और मुख्यमंत्री की बेअदबी के कृत्यों से संगत सदमें में है। उन्होने यह भी साफ किया कि अकाली दल के इस जनसंपर्क के कार्यक्रम के पीछे कोई राजनीति नही है और यह केवल पंथक हित में किया जा रहा है।

एक सवाल का जवाब देते हुए कमेटी के सदस्य डाॅ. दलजीत सिंह चीमा ने तख्त श्री हजूर साहिब को नियंत्रित करने वाले सात दशक पुराने अधिनियम को निरस्त करने और इसके स्थान पर नया कानून लाने के लिए महाराष्ट्र सरकार की निंदा की है।उन्होने कहा कि इस नए कानून का मकसद बोर्ड में सरकारी उम्मीदवारों को नियुक्त कर उसका प्रबंधन अपने हाथों में लेना है। उन्होने कहा कि इस तरह की कोशिशें पहले भी की गई थी, जिनका एस.जी.पी., शिरोमणी अकाली दल और यहां तक कि हजूरी सचखंड दीवान ने भी इसका पुरजोर विरोध किया था। उन्होने कहा,‘‘ हम इस कदम का डटकर विरोध करेंगें।’’

इस अवसर पर महेशइंदर सिंह ग्रेवाल, गुलजार सिंह रणीके और अमरजीत सिंह चावला सहित अन्य कमेटी के मैंबर भी मौजूद थे।

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